Concept:एकांकी एक अंक का नाटक होता है जिसे पढ़ने के बाद मंचित करना आवश्यक है। मंचन से संदर्भानुसार उचित उतार-चढ़ाव के साथ बोलने का कौशल विकसित होता है।Explanation:एकांकी पाठ केवल पढ़ने तक सीमित नहीं रहता। इसके बाद इसका मंचन कराना चाहिए। मंचन के समय विद्यार्थी पात्रों के अनुसार अपनी आवाज़ में उतार-चढ़ाव लाते हैं। वे संवाद को सही भाव और स्वर में बोलते हैं। इस प्रकार एकांकी मुख्यतः संदर्भ के अनुसार उचित उतार-चढ़ाव के साथ बोलने में सहायता करता है। यह लेखन-कौशल, वाक्य-संरचना या अभिनय की कुशलता को सीधे विकसित नहीं करता। मंचन का उद्देश्य उच्चारण और आवाज़ के उतार-चढ़ाव का अभ्यास है।Answer:B. संदर्भ के अनुसार उचित उतार-चढ़ाव के साथ बोलना