Concept:भाषा अर्जन एक सहज और स्वाभाविक प्रक्रिया है।
द्वितीय भाषा को भी प्रथम भाषा की तरह अर्जित करने के लिए प्रिंट समृद्ध वातावरण आवश्यक है।
Explanation:बच्चे घर के परिवेश में भाषा के नियमों को आसानी से आत्मसात कर लेते हैं।
इसी प्रकार, द्वितीय भाषा हिंदी के सहज अर्जन के लिए कक्षा में प्रिंट समृद्ध वातावरण बनाना ज़रूरी है।
प्रिंट समृद्ध वातावरण में चित्र, विज्ञापन, होर्डिंग्स, कैलेंडर, बाल-साहित्य और सूचियाँ शामिल होती हैं।
ये सामग्री बच्चों के सामने लिखित या चित्र रूप में होती है, जिससे अधिगम प्रभावी और रुचिकर बनता है।
अन्य विकल्प अनुचित हैं – अत्यधिक कठिन अभ्यास (A), केवल उच्चस्तरीय ई-मेल तकनीक (B), और सिनेमा का बहिष्कार (C) भाषा-शिक्षण के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
इसलिए सही कथन यह है कि द्वितीय भाषा अर्जन के लिए प्रिंट समृद्ध वातावरण आवश्यक है।
Answer:विकल्प D: प्रथम भाषा-अर्जन की तरह द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी के सहज अर्जन के लिए प्रिंट समृद्ध वातावरण ज़रूरी है।