Test Index

CTET Paper II (Social Science) May 2016 Solved Paper

Show Para  Hide Para 
Question Numbers: 121-128
निर्देश : नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प चुनिए :
यह कहना कितना सत्य है कि जैसे सोने का प्रत्येक धागा मूल्यवान होता है, उसी तरह समय का प्रत्येक क्षण भी मूल्यवान होता है ? समय निरंतर गतिमान है । न तो वह कभी रुकता है और न ही कभी लौटकर वापस आता है । मिनट, घंटे, सप्ताह, महीने और वर्ष बीत जाते हैं । इतना समय व्यर्थ जाने के बाद हमें यह समझ में आता है कि हमने केवल अपना कीमती समय ही बर्बाद किया है । एक प्रसिद्ध विचारक ने कहा है - “सोने से पहले अपने सारे क्रियाकलापों को एक डायरी में लिखो । सुबह उठकर उसे पढ़ो और मनन करो कि बीते कल का तुमने कितना सदुपयोग किया ? कल तुमने क्‍या खोया, क्‍या पाया ? तुम्हारे कल के कर्म भावी जीवन पर क्‍या प्रभाव डाल सकते हैं ? तब तुम्हें अपने वर्तमान और भविष्य की सच्ची तस्वीर दिखाई देगी । तुमको पता चल पाएगा कि तुम अपना कितना समय अकारण गँवा रहे हो ? यह भी जान पाओगे कि क्यों तुम्हारे सपने पूरे नहीं हो रहे ?' पिछले समय का लेखा-जोखा करके हम अपने जीवन से बहुत कुछ सीख सकते हैं । किस काम को करने से हमें कितनी हानि हुई और किस काम को करने से कितना लाभ हुआ - यह हमें सबसे पहले देखना चाहिए । किसी उद्योगपति को एक सौदा तय करने सुबह दस बजे जाना था, मगर आलस्य के कारण वह साढ़े दस बजे पहुँचा । दूसरा व्यापारी जा चुका था । वह उसके नाम एक पुरज़ा छोड़ गया था, जिस पर लिखा था, "जो व्यक्ति समय का पाबंद नहीं, उससे क्या सौदा किया जाए ? वह बादे के अनुसार समय पर कभी माल नहीं भेज सकता । पर्ची पढ़ते ही उस उद्योगपति की हवाइयाँ उड़ गईं । लाखों के नुकसान से उसने एक सबक सीखा - समय की पाबंदी । हम लापरवाही में दूसरों के समय की कौमत नहीं समझते, तो उनके द्वारा हम ठुकरा दिए जाते हैं । इसलिए पछताने से अच्छा है कि समय का सदुपयोग करके अपने जीवन का उद्देश्य प्राप्त करें ।
© examsnet.com
Question : 125 of 150
Marks: +1, -0
Go to Question: