Concept:अपादान कारक का प्रयोग किसी वस्तु के अलग होने या दूर होने के अर्थ में होता है। इसका चिह्न 'से' है, जो क्रिया से अलगाव का भाव दर्शाता है।
Explanation:वाक्य 'छत से ईंट गिरी' में 'से' विभक्ति का प्रयोग छत से ईंट के अलग होने के भाव को दर्शा रहा है।
यहाँ 'से' अलगाव का बोध कराता है, न कि साधन या करण का।
ध्यान दें: करण कारक और अपादान कारक दोनों की विभक्ति 'से' होती है, परन्तु अपादान कारक में 'से' का अर्थ 'अलग होना' होता है, जबकि करण कारक में 'से' का अर्थ 'के द्वारा' होता है।
उदाहरण के लिए:
- 'पेड़ से पत्ता गिरा' (अपादान कारक – अलगाव)
- 'बच्चा बोतल से दूध पीता है' (करण कारक – साधन)
अतः दिए गए वाक्य में 'से' का प्रयोग अलगाव के लिए हुआ है, इसलिए यह अपादान कारक है।
Additional Information:
कारक संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया से संबंध दर्शाता है। हिंदी में आठ कारक होते हैं:
Answer:अतः सही विकल्प A. अपादान है।