Concept:विसर्ग संधि में जब विसर्ग के बाद 'त', 'थ', 'स' या 'श' आता है, तो विसर्ग क्रमशः 'स्' या 'श्' में बदल जाता है।
Explanation:‘निस्तेज’ शब्द का निर्माण ‘निः’ और ‘तेज’ के मेल से हुआ है।
यहाँ विसर्ग के बाद ‘त’ वर्ण आया है, जिससे विसर्ग (:) का रूप ‘स्’ हो जाता है।
अतः निः + तेज → निस्तेज (विसर्ग संधि)।
दिए गए विकल्पों में केवल ‘निः + तेज’ ही सही संधि‑विच्छेद है।
अन्य विकल्प (नी + स्तेज, नी + तेज, निस् + तेज) व्याकरण के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
इसलिए सही उत्तर ‘निः + तेज’ है।
Answer:C. निः + तेज