Concept:महाप्राण व्यंजनों के उच्चारण में अधिक श्वास लगती है; दो महाप्राण एक साथ नहीं बोले जा सकते।Explanation:विकल्प A: विसर्ग (:) कंठ्य वर्ण है — सही है।विकल्प B: हिन्दी में ‘ज्ञ’ का उच्चारण परम्परा से भिन्न ‘ग्यँ’ जैसा हो गया है — सही है।विकल्प C: दो महाप्राण व्यंजनों का उच्चारण एक साथ होना संभव नहीं। संयोग में पहला वर्ण अल्पप्राण रहता है (जैसे रक्खा, अच्छा, पत्थर) — यह कथन अशुद्ध है।विकल्प D: ‘क्ष’ संयुक्त व्यंजन (क् + ष + अ) है — सही है।Answer:अशुद्ध कथन: दो महाप्राण व्यंजनों का उच्चारण एक साथ हो सकता है। (विकल्प C)