Concept:यह पंक्ति संत रैदास (रविदास) द्वारा रचित एक प्रसिद्ध पद से ली गई है।Explanation:'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी' वाक्य संत रैदास के भक्ति भाव को दर्शाता है।रैदास ने स्वयं को प्रभु के प्रति समर्पित जल और प्रभु को चंदन के रूप में वर्णित किया है।यह पद भक्त और भगवान के अभिन्न संबंध को व्यक्त करता है।अन्य विकल्पों में दादू दयाल, कबीर और नानक हैं, लेकिन यह पंक्ति विशेष रूप से रैदास की रचना है।अतः सही उत्तर रैदास है।Answer:सही विकल्प A. रैदास है।