Concept:कारक वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का वह रूप है जो क्रिया से संबंध दर्शाता है। अधिकरण कारक क्रिया के आधार (स्थान या काल) का बोध कराता है, और इसकी विभक्ति 'में' या 'पर' होती है।
Explanation:दिए गए वाक्य 'नाव जल में तैरती है' में 'में' परसर्ग लगा है।
'में' अधिकरण कारक का चिह्न है, जो स्थान (जल) को दर्शाता है।
अन्य विकल्प गलत हैं:
- संप्रदान कारक: 'के लिए' या 'को' से पहचाना जाता है (जैसे – उसके लिए लाया)।
- संबंध कारक: 'का', 'के', 'की' से पहचाना जाता है (जैसे – राम की किताब)।
- करण कारक: 'से' या 'द्वारा' से पहचाना जाता है (जैसे – कुल्हाड़ी से काटना)।
यहाँ 'जल में' स्थान बता रहा है, अतः यह अधिकरण कारक है।
Answer:D. अधिकरण कारक