Concept:अकर्मक क्रिया वह होती है जिसमें कर्ता का कार्य किसी कर्म (वस्तु या व्यक्ति) पर नहीं पड़ता। यहाँ क्रिया का फल सिर्फ कर्ता तक सीमित रहता है।
Explanation:- वाक्य "वह खेल रहा है" में क्रिया है 'खेल रहा है' (खेलना)।
- इस क्रिया का प्रभाव किसी दूसरे पदार्थ या व्यक्ति पर नहीं पड़ता। कर्ता 'वह' खुद खेल रहा है, कोई कर्म नहीं है।
- यह क्रिया कर्म की अपेक्षा नहीं करती, इसलिए यह अकर्मक है।
- विकल्प 'क्रदंत' (B) क्रिया से बने विशेषण को कहते हैं, 'सकर्मक' (C) में कर्म होता है, और 'संयुक्त क्रिया' (D) दो धातुओं के मिलने से बनती है।
- यहाँ केवल एक धातु 'खेल' है और कर्म नहीं है, अतः अकर्मक सही है।
Answer:A. अकर्मक