Concept:यह व्यंजन संधि का उदाहरण है। जब 'ट्' के बाद कोई स्वर या वर्गीय तीसरा/चौथा व्यंजन आता है, तो 'ट्' 'ड्' में बदल जाता है।Explanation:'षडानन' का अर्थ है 'षट्' (छह) + 'आनन' (मुख) अर्थात छह मुख वाला (कार्तिकेय)।यहाँ 'ट्' (षट् का अंतिम वर्ण) और 'आ' (आनन का पहला वर्ण) के मेल से संधि होती है।नियम के अनुसार, 'ट्' के स्थान पर 'ड्' हो जाता है और 'षट् + आनन' बनता है 'षडानन'।अतः सही संधि-विच्छेद 'षट् + आनन' है।अन्य विकल्पों में 'षड + आनन' (ट् की जगह ड् नहीं), 'षट + आनन' (अनुस्वार हटा), 'षड् + आनन' (गलत रूप) सभी अशुद्ध हैं।Answer:D. षट् + आनन