Concept:यह प्रश्न हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध लेखिका और उनकी आत्मकथा से संबंधित है। 'गुड़िया भीतर गुड़िया' मैत्रेयी पुष्पा की आत्मकथा का दूसरा भाग है।Explanation:'गुड़िया भीतर गुड़िया' मैत्रेयी पुष्पा द्वारा रचित आत्मकथा का दूसरा भाग है। इसका पहला भाग 'कस्तूरी कुण्डल बसै' है।अन्य विकल्पों का विश्लेषण इस प्रकार है:
कृष्णा सोबती - हिन्दी की आख्यायिका (फिक्शन) लेखिका थी।
प्रभा खेतान - हिन्दी भाषा की लब्ध प्रतिष्ठित उपन्यासकार, कवयित्री तथा नारीवादी चिंतक तथा समाज सेविका थीं।
उषा प्रियंवदा - उषा प्रियंवदा हिंदी साहित्कार हैं और इनके कथा साहित्य में छठे और सातवें दशक के शहरी परिवारों का संवेदनापूर्ण चित्रण मिलता है।
इन तीनों लेखिकाओं की कोई भी रचना 'गुड़िया भीतर गुड़िया' नहीं है। अतः सही विकल्प मैत्रेयी पुष्पा है।Answer:B. मैत्रेयी पुष्पा