Concept:बहुव्रीहि समास में दोनों पद अप्रधान होते हैं और तीसरा अर्थ (किसी अन्य व्यक्ति या वस्तु) प्रमुख होता है। इस प्रकार इस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता।
Explanation:प्रश्न में पूछा गया है कि किस समास में कोई पद प्रधान नहीं होता। समास के पदों की प्रधानता के आधार पर वर्गीकरण देखें:
- अव्ययीभाव में पूर्वपद प्रधान होता है।
- तत्पुरुष, कर्मधारय और द्विगु में उत्तरपद प्रधान होता है।
- द्वन्द्व में दोनों पद प्रधान होते हैं।
- बहुव्रीहि में दोनों पद अप्रधान होते हैं, अर्थात कोई पद प्रधान नहीं होता। बल्कि इन दोनों पदों से एक तीसरा अर्थ निकलता है।
जैसे- 'महावीर' (महान वीर) का अर्थ हनुमान, 'त्रिलोचन' (तीन आँखों वाला) का अर्थ शिव। यहाँ 'महा' और 'वीर' दोनों मिलकर किसी तीसरे व्यक्ति (हनुमान) को दर्शाते हैं।
अतः सही विकल्प 'बहुव्रीहि' है।
Important Points
विशेष
Answer:B. बहुव्रीहि