Concept:मौन पठन बिना आवाज किए केवल आँखों से पढ़ना है, जो अर्थग्रहण और स्वाध्याय की आदत विकसित करता है।
Explanation:मौन पठन में मस्तिष्क और आँखें सक्रिय रहती हैं, लेकिन कोई उच्चारण नहीं होता।
इसका मुख्य उद्देश्य पाठ के भावार्थ को समझना होता है।
यह विधा स्वयं पढ़ने की रुचि जगाती है और स्वाध्याय की प्रवृत्ति को मजबूत करती है।
उच्चारण अभ्यास या शुद्ध ध्वनि उच्चारण इसका कार्य नहीं है।
यह पठन की गति और एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक होती है।
अतः मौन पठन का प्रमुख कार्य स्वाध्याय की ओर अभिरुचि विकसित करना है।
Answer:B. स्वाध्याय की प्रवृत्ति को विकसित करना।