Concept:तद्भव शब्द संस्कृत के तत्सम शब्दों से समय और प्रयोग के कारण बदलकर बने होते हैं।Explanation:दिए गए विकल्पों में 'अँधेरा' तद्भव शब्द है। इसका तत्सम रूप 'अन्धकार' है। अन्य विकल्प जैसे 'रात्रि' और 'चन्द्र' तत्सम हैं, जिनके तद्भव रूप क्रमशः 'रात' और 'चाँद' होते हैं। इसलिए केवल 'अँधेरा' ही तद्भव है। उदाहरण तालिका:
तत्सम शब्द
तद्भव शब्द
अंधकार
अँधेरा
रात्रि
रात
चन्द्र
चाँद
तद्भव शब्द की परिभाषा:
शब्द
परिभाषा
उदाहरण
तद्भव शब्द
तत्सम शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन होने से जो शब्द बने हैं उन्हें तद्भव कहते हैं। तद्भव का शाब्दिक अर्थ है – उससे बने (तत् + भव = उससे उत्पन्न), अर्थात जो उससे (संस्कृत से) उत्पन्न हुए हैं। यहाँ पर तत् शब्द भी संस्कृत भाषा की ओर इंगित करता है। अर्थात जो संस्कृत से ही बने हैं। इन शब्दों की यात्रा संस्कृत से आरंभ होकर पालि, प्राकृत, अपभ्रंश भाषाओं के पड़ाव से होकर गुजरी है और आज तक चल रही है।