Concept:सूफी संतों की काव्य-रचना की विशेष शैली को 'मसनवी' कहा जाता है।Explanation:यह शैली लंबी कविताओं के लिए प्रयोग होती है।इसकी शुरुआत ईश्वर की वंदना, पैगंबर की स्तुति और अपने समय के शासक या संत की प्रशंसा से होती है।सूफी संत प्रेम, भक्ति और रहस्यवाद को व्यक्त करने के लिए इसी शैली का उपयोग करते थे।अन्य विकल्पों में 'गजल' प्रेम और दर्द की छोटी कविता है, 'मर्सिया' शोकगीत है और 'तर्जुमा' अनुवाद को कहते हैं—ये सूफी संतों की विशेष शैली नहीं हैं।अतः सही विकल्प 'मसनवी' है।Answer:B. मसनवी