Concept:द्विगुण व्यंजन वे हैं जिनके उच्चारण में जीभ मूर्धा से टकराकर झटके से नीचे आती है। इन्हें उत्क्षिप्त व्यंजन भी कहा जाता है।
Explanation:हिंदी में द्विगुण व्यंजन केवल दो होते हैं: 'ड़' और 'ढ़'।
ये कभी भी किसी शब्द के शुरू में नहीं आते। उदाहरण: सड़क, पढ़ना, लड़का।
अन्य विकल्पों की पहचान:
- 'श्र' और 'ज्ञ' दो अलग-अलग व्यंजनों के मेल से बने हैं, इसलिए ये संयुक्त व्यंजन हैं।
- 'ड' और 'ढ' ट-वर्ग के स्पर्श व्यंजन हैं।
- 'ञ' और 'ण' नासिक्य व्यंजन हैं, क्योंकि इनका उच्चारण नाक से होता है।
इस प्रकार केवल 'ड़' और 'ढ़' ही द्विगुण व्यंजन की श्रेणी में आते हैं।
Answer:विकल्प C (ड़, ढ़) सही उत्तर है।