Concept:विद्यालय आने से पहले बच्चों में अपनी मातृभाषा या घर की भाषा में संवाद करने की स्वाभाविक क्षमता होती है।
Explanation:बच्चे घर और आस-पास के माहौल से भाषा के कई अनुभव लेकर आते हैं।
वे अपनी ज़रूरतें, इच्छाएँ, कल्पना और राय सरलता से व्यक्त कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, वे कह सकते हैं – “मुझे भूख लगी है”, “मेरा मन आइसक्रीम खाने का है”, “यह अच्छा गाना नहीं है”।
इन कथनों से पता चलता है कि बच्चे भाषा का प्रभावी प्रयोग करने में सक्षम होते हैं।
भाषा का लिपिबद्ध रूप (अक्षर और ध्वनियाँ) उनके लिए अमूर्त हो सकता है, पर वे बोलचाल में पारंगत होते हैं।
इसलिए स्कूल आने से पहले ही बच्चे अपनी भाषा में समझने और समझाने की कुशलता रखते हैं।
Answer:विकल्प B सही है – अपनी भाषा में समझने-समझाने की कुशलता से लैस होते हैं।