Concept:हिंदी वर्णमाला में व्यंजनों का वर्गीकरण उच्चारण स्थान के आधार पर किया जाता है। 'ट' वर्ग के वर्णों का उच्चारण मूर्धा (तालु के ऊपरी भाग) से होता है, इसलिए इन्हें मूर्धन्य व्यंजन कहते हैं।
Explanation:'ट' वर्ग में पाँच वर्ण आते हैं: ट, ठ, ड, ढ, ण।
इन वर्णों का उच्चारण जीभ को मूर्धा (मुँह की छत का ऊपरी भाग) पर लगाकर किया जाता है।
अन्य विकल्पों की व्याख्या: कंठ्य वर्ण (अ, क, ख, ग, आदि) कंठ से, तालव्य वर्ण (इ, च, छ, ज, आदि) तालु से, दंत्य वर्ण (त, थ, द, ध, आदि) दाँतों से उच्चारित होते हैं।
चूँकि 'ट' वर्ग के सभी वर्ण मूर्धा से उच्चारित होते हैं, ये मूर्धन्य व्यंजन हैं।
Answer:मूर्धन्य (विकल्प C)