Concept:कर्मधारय समास में पहला पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है, या दोनों पद विशेषण हो सकते हैं। जब दोनों पद विशेषण हों, तो उसे ‘विशेषणोभयपदकर्मधारय’ कहते हैं।
Explanation:‘शीतोष्ण’ शब्द ‘शीत’ + ‘और’ + ‘उष्ण’ से बना है। यहाँ दोनों पद (शीत और उष्ण) विशेषण हैं। ‘और’ का लोप होने पर यह विशेषणोभयपदकर्मधारय समास बनता है।
अन्य विकल्पों में विशेष्योभयपद, विशेष्यपूर्व या विशेषणपूर्वपद कर्मधारय नहीं है, क्योंकि इनमें एक पद विशेष्य या पदक्रम भिन्न होता है।
स्पष्टता के लिए:
- विशेषणोभयपद = दोनों पद विशेषण (जैसे शीतोष्ण)।
- विशेष्योभयपद = दोनों पद विशेष्य (जैसे घृतपात्र – घृत और पात्र दोनों संज्ञा)।
- विशेष्यपूर्वकर्मधारय = पहला पद विशेष्य (जैसे रामराव – राम विशेष्य, राव विशेषण) – यहाँ नहीं।
- विशेषणपूर्वपदकर्मधारय = पहला पद विशेषण, दूसरा विशेष्य (जैसे नीलकमल) – यहाँ नहीं।
अतः ‘शीतोष्ण’ केवल विशेषणोभयपदकर्मधारय का उदाहरण है।
Answer:विकल्प A: विशेषणोभयपदकर्मधारय का