| अव्यय | परिभाषा | उदाहरण |
| क्रियाविशेषण | जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता का पता चलता है, उसे क्रिया-विशेषण कहते हैं। जहाँ पर यहाँ, तेज, अब, रात, धीरे-धीरे, प्रतिदिन, सुंदर, वहाँ, तक, जल्दी, अभी, बहुत आदि आते हैं, वहाँ पर क्रियाविशेषण अव्यय होता है। | चीता तेज़ दौड़ता है। |
| संबंधबोधक | जिन अव्यय शब्दों के कारण संज्ञा के बाद आने पर दूसरे शब्दों से उसका संबंध बताते हैं, उन शब्दों को संबंधबोधक शब्द कहते हैं। जहाँ पर बाद, भर, के ऊपर, की ओर, कारण, ऊपर, नीचे, बाहर, भीतर, बिना, सहित, पीछे, से पहले, से लेकर, तक, के अनुसार, की खातिर, के लिए आदि आते हैं, वहाँ पर संबंधबोधक अव्यय होता है। | कमरे के बाहर उजाला है। |
| विस्मयादिबोधक | जिन अव्यय शब्दों से हर्ष, शोक, विस्मय, ग्लानी, लज्जा, घर्णा, दुःख, आश्चर्य आदि के भाव का पता चलता है, उन्हें विस्मयादिबोधक अव्यय कहते हैं। जहाँ पर अरे!, हाय!, शबाश!, ओह!, वाह!, हाँ!, वाह!, हैं!, ऐ!, क्या!, ओहो, अहा!, उफ, हा-हा!आदि आते हैं। | ओह! मैं परीक्षा में फ़ेल हो गया। |