महात्मा गाँधी अपने अन्य सहयोगियों के साथ स्वराज निधि एकत्रित करने के लिए अली बंधुओं के साथ 20 दिसम्बर, 1920 को धमतरी पहुँचे और उन्होंने वहाँ जनता ( किसानों) को संबोधित किया। इन्होंने यहाँ कंडेल नहर सत्यागृह में भाग भी लिया। छत्तीसगढ़ के गाँधी कहे जाने वाले सुंदरलाल शर्मा के आग्रह पर बापू कोलकाता से सीधे रायपुर ( पहले) पहुँचे थे तथा यहाँ से कंडेल सत्याग्रह में भाग लेने के लिए धमतरी पहुँचे थे। हालांक गाँधी जी के धमतरी पहुँचने से पहले ही अंग्रेजों ने किसानों से टैक्स वसूलने संबंधी कानून को वापस ले लिया था।