बैंक दर- बैंक दर वह ब्याज दर या बट्टा दर होती है, जिस पर केन्द्रीय बैंक प्रथम श्रेणी अथवा अनुमोदित हुंडियों की जमानत के आधार पर वाणिज्यिक बैंकों को ऋण प्रदान करता है अथवा प्रथम श्रेणी के बिलों की पुनर्कटौती करता है। अर्थात् बैंक दर वह दर है, जिस पर RBI ( अक्टूबर 2016 से पहले अब मौद्रिक नीति समिति (MPC) निर्णय लेती है. पहला निर्णय 4 अक्टूबर, 2016 को लिया गया ) अन्य बैंकों को ऋण ( दीर्घकालिक) देती है। (अल्प- कालिक ऋण के लिए रेपो दर निर्धारित की जाती है।) यदि बैंक दर में वृद्धि होती है, तो अर्थव्यवस्था के साख सृजन में कमी आती है। 29 सितम्बर, 2015 को RBI द्वारा निर्धारित बैंक दर - 7.75\% थी।