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Question Numbers: 129-135
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए
विभिन्न भाषाओं में साहित्य की विशिष्ट विधा के रूप में संस्मरण का महत्वपूर्ण स्थान है। हिन्दी में भी संस्मरण लिखने की एक सुदीर्घ परंपरा है। जनमन की जीवन-यात्रा की अंतरंग छवियों को संस्मरण कह सकते हैं। संस्मरणों में, जीवन में आने वाले व्यक्तियों, पात्रों, स्थानों और घटनाओं की अंतरंग छवियाँ प्रस्तुत की जाती है। इसीलिए इसमें साधारण से साधारण और महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण पात्र और प्रसंग शामिल होते हैं। कई बार साहित्यकार अपने संस्मरण को एक व्यापक यथार्थ से ही जोड़कर रखते हैं तो कई बार उसमें अपनी कल्पना का भी पुट भर देते हैं। कुछ साहित्यकार अपने संस्मरण के माध्यम से मानवीय सरोकारों को भी अभिव्यक्त करते हैं।
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विभिन्न भाषाओं में साहित्य की विशिष्ट विधा के रूप में संस्मरण का महत्वपूर्ण स्थान है। हिन्दी में भी संस्मरण लिखने की एक सुदीर्घ परंपरा है। जनमन की जीवन-यात्रा की अंतरंग छवियों को संस्मरण कह सकते हैं। संस्मरणों में, जीवन में आने वाले व्यक्तियों, पात्रों, स्थानों और घटनाओं की अंतरंग छवियाँ प्रस्तुत की जाती है। इसीलिए इसमें साधारण से साधारण और महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण पात्र और प्रसंग शामिल होते हैं। कई बार साहित्यकार अपने संस्मरण को एक व्यापक यथार्थ से ही जोड़कर रखते हैं तो कई बार उसमें अपनी कल्पना का भी पुट भर देते हैं। कुछ साहित्यकार अपने संस्मरण के माध्यम से मानवीय सरोकारों को भी अभिव्यक्त करते हैं।
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