Concept:भाषिक विविधता को स्वीकार करने से बच्चे अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व महसूस करते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और कल्पनाशीलता तथा रचनात्मकता को बढ़ावा मिलता है।
Explanation:- कक्षा में भाषिक विविधता को स्वीकार करना बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
- जब बच्चों को लगता है कि उनकी भाषा और विचार महत्वपूर्ण हैं, तो वे सक्रिय और प्रेरित होते हैं।
- इससे वे बिना डर के अपनी सोच व्यक्त कर पाते हैं, जिससे कल्पनाशीलता और रचनात्मकता में वृद्धि होती है।
- भाषिक विविधता को अपनाने से कक्षा में समावेशी वातावरण बनता है, जो भाषा अधिगम को सशक्त करता है।
- यदि विविधता को अस्वीकार किया जाए, तो आत्मविश्वास को क्षति पहुँचती है और रचनात्मकता प्रभावित होती है।
- भाषा प्रवाह में अवरोध केवल तब होता है जब मातृभाषा को प्रोत्साहित नहीं किया जाता।
- अतः, भाषिक विविधता का प्रभाव सकारात्मक होता है, नकारात्मक नहीं।
Answer:C. बच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी परिणामस्वरूप उनकी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता में वृद्धि होगी