Test Index
CTET Class I to V 2014 Sep Paper
Show Para
देखिए, यह सिफ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवों और व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल है। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवी पास हो जाएंगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिTक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजें हैं जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है।
निर्देश (प्र.सं. 129 से 135):
नीच दिए गए गद्यांश को पढ़कर सबसेउचित विकल्प का चयन कीजिए- देखिए, यह सिफ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवों और व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल है। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवी पास हो जाएंगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिTक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजें हैं जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है।
Go to Question: