Concept:शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षक की विभिन्न भूमिकाएँ होती हैं। यहाँ अध्यापिका विद्यार्थियों को कहानी लिखने में निरीक्षण, मार्गदर्शन और तत्काल सहायता प्रदान कर रही हैं, जो उन्हें एक संसाधक (फैसिलिटेटर) के रूप में दर्शाता है।
Explanation:- प्रबंधक (प्रबंधक) की भूमिका कक्षा को नियंत्रित और व्यवस्थित करने की होती है, जबकि यहाँ अध्यापिका सक्रिय रूप से विद्यार्थियों की मदद कर रही हैं, न कि केवल अनुशासन बनाए रख रही हैं।
- योजना निर्माणक (प्लानर) का कार्य शैक्षिक गतिविधियों की पूर्व-योजना बनाना है, पर यहाँ कार्य कहानी लिखने के दौरान सहायता करने का है, न कि योजना बनाने का।
- निदानशास्त्री (डायग्नोस्टिशियन) कठिनाइयों का पता लगाकर उपचार करता है, लेकिन यहाँ अध्यापिका न केवल निदान कर रही हैं बल्कि तुरंत सहायता और संसाधन (नए शब्द बताना, गलतियाँ सुधारना) भी दे रही हैं, जो संसाधक की भूमिका का मुख्य भाग है।
- संसाधक (फैसिलिटेटर) वह होता है जो विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकतानुसार संसाधन, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करके सीखने की प्रक्रिया को सुगम बनाता है। यहाँ अध्यापिका का व्यवहार इसी भूमिका को दर्शाता है।
Answer:अतः सही उत्तर 'संसाधक' (विकल्प C) है।