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UTET Paper 2 Math Science 2021 Solved Paper
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Question Numbers: 66-70
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढकर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।
लिपि का आविष्कार संचार के क्षेत्र में दूसरी बड़ी क्रांति थी। ध्वनि पर अवलंबित लिपि के विकास के पूर्व मानव ने भाषा के अतिरिक्त अभिव्यक्ति के कई अन्य माध्यमों के प्रयोग किए थे। चित्रलिपि या पिक्टोग्राफी इसी तरह का एक प्रयोग था। यह लेखन विधि चित्रों की एक श्रृंखला द्वारा किसी घटना या स्थिति का स्वरूप प्रस्तुत करती थी। चित्रलिपि भाषा से जुड़ी नहीं होती, इसलिए उसकी मौखिक अभिव्यक्ति किसी भी भाषा में संभव होती है। आवश्यक होता है, चित्र को समझना। प्रागैतिहासिक मानव ने संसार के विभिन्न भागों में इस लेखन शैली का प्रयोग किया। पिक्टोग्राफी के कुछ रूपों ने विकसित होकर ऑडियोग्राफी का रूप लिया। यह चित्रलिपि का संवर्धित रूप था और उसमें स्थितियों और घटनाओं के प्रस्तुतीकरण के साथ-साथ अमूर्त विचारों की अभिव्यक्ति की असीमित शक्ति भी थी। प्रतीक अब केवल वस्तुओं और स्थितियों का चित्रण नहीं करते थे, वे उनसे संबंधित विचारों और संबंधों को भी अभिव्यक्त करते थे।
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढकर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।
लिपि का आविष्कार संचार के क्षेत्र में दूसरी बड़ी क्रांति थी। ध्वनि पर अवलंबित लिपि के विकास के पूर्व मानव ने भाषा के अतिरिक्त अभिव्यक्ति के कई अन्य माध्यमों के प्रयोग किए थे। चित्रलिपि या पिक्टोग्राफी इसी तरह का एक प्रयोग था। यह लेखन विधि चित्रों की एक श्रृंखला द्वारा किसी घटना या स्थिति का स्वरूप प्रस्तुत करती थी। चित्रलिपि भाषा से जुड़ी नहीं होती, इसलिए उसकी मौखिक अभिव्यक्ति किसी भी भाषा में संभव होती है। आवश्यक होता है, चित्र को समझना। प्रागैतिहासिक मानव ने संसार के विभिन्न भागों में इस लेखन शैली का प्रयोग किया। पिक्टोग्राफी के कुछ रूपों ने विकसित होकर ऑडियोग्राफी का रूप लिया। यह चित्रलिपि का संवर्धित रूप था और उसमें स्थितियों और घटनाओं के प्रस्तुतीकरण के साथ-साथ अमूर्त विचारों की अभिव्यक्ति की असीमित शक्ति भी थी। प्रतीक अब केवल वस्तुओं और स्थितियों का चित्रण नहीं करते थे, वे उनसे संबंधित विचारों और संबंधों को भी अभिव्यक्त करते थे।
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