यह बस्तर के भतरा जनजाति के लोगों (पुरुषों) द्वारा किया जाने वाला नृत्य नाट्य है। इसका मंचन उत्सवों जात्रा या मड़ई के अवसर पर होता है, कुछ लोग इसे उड़िया नाट भी कहते हैं, क्योंकि यह उड़ीसा से आया है। अधिकांश नाटक रामायण, महाभारत एवं अन्य पौराणिक कथाओं पर आधारित होते हैं इसमें मुख्यत: अभिमन्यु वध लक्ष्मण-शक्ति नाट, जरासंध वध, दुर्योधन एवं हिरण्यकश्यप वध आदि का मंचन अधिक किया जाता है। इसमे भरतमुनि के नाट्यशास्त्र की अनेक बातें विद्यमान है। जैसे- कलाकारों का प्रवेश, प्रस्तावना, मंचन के पूरे समय तक विदूषक का टेढ़ी लकड़ी लेकर उपस्थित होना, गणेश, सरस्वती की आराधना आदि। इंदिरा गाँधी की नृसंश हत्या पर आधारित नाट ने पूरे बस्तर में धूम मचा दी थी। भतरा नाट्य छत्तीसगढ़ का आदिवासी थिएटर कहा जाता है।