छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है। छत्तीसगढ़ की लगभग 80% जनसंख्या कृषि एवं कृषि आधारित उद्योग धंधों पर आश्रित है। छत्तीसगढ़ की कुल भूमि के लगभग 51.6% भाग पर कृषि कार्य किया जाता है। प्रदेश के 37.46 लाख कृषक परिवारों में से 76% लघु एवं सीमांत श्रेणी में आते हैं। वर्तमान में प्रदेश में सभी स्रोतों से लगभग 33% क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है, जिसमें से सर्वाधिक 62% क्षेत्र सिंचाई जलाशयों/नहरों के माध्यम से सिंचित है, जो अधिकांशत: वर्षा पर आधारित है। छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल धान है, धान बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण छत्तीसगढ़ के मैदान को धान का कटोरा ( लगभग-2,0000 धान की प्रजातियाँ पाई जाती है कहते हैं। यहाँ कृषि जोतों का औसत आकार 1.36 हेक्टेयर हैं। छत्तीसगढ़ में धान की फसल मुख्यत: छींटवा पद्धति से एवं अंशत: रोपा पद्धति से की जाती है।